पीडीएफ को ग्रेस्केल में बदलें
प्रिंट और संग्रह के लिए श्वेत श्याम पीडीएफ की साफ़ कॉपी तैयार करें।
पीडीएफ को ग्रेस्केल में कैसे बदलें
1.
एक या कई रंगीन PDF फ़ाइलें चुनें या उन्हें अपलोड क्षेत्र में ड्रैग करके छोड़ें।
2.
जोड़ी गई फ़ाइलों की सूची देखें और जिन दस्तावेज़ों की आवश्यकता नहीं है उन्हें हटा दें।
3.
फ़ाइल सूची सही होने पर पीडीएफ को ग्रेस्केल में बदलें कार्रवाई शुरू करें।
4.
अपलोड और प्रोसेसिंग पूरी होने तक प्रतीक्षा करें।
5.
तैयार दस्तावेज़ों की स्थिति देखें और किसी त्रुटि वाली फ़ाइल को पहचानें।
6.
नई PDF कॉपी डाउनलोड करें और चार्ट, चित्र तथा छोटे टेक्स्ट की पठनीयता जाँचें।
फीचर्स
तेज़
एक से अधिक फ़ाइलें अपलोड करने पर भी रंगीन PDF को कम समय में ग्रेस्केल में बदलिए।
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एक PDF या कई फ़ाइलों को एक साथ प्रोसेस करें और उपयोग के लिए तैयार साफ ग्रेस्केल आउटपुट पाएँ।
सुरक्षा की गारंटी
अपलोड की गई फ़ाइलें SSL एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहती हैं और एक घंटे बाद स्थायी रूप से हटा दी जाती हैं।
उपयोगकर्ता के अनुकूल
इंटरफ़ेस सरल है, इसलिए आप बिना जटिल सेटिंग के PDF को ग्रेस्केल में बदल सकते हैं।
क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म
इस टूल का उपयोग Windows, macOS, Linux, Android और iPhone पर किसी भी आधुनिक ब्राउज़र से करें।
श्वेत श्याम पीडीएफ
रंगीन PDF को ग्रेस्केल में बदलने से ऐसा दस्तावेज़ मिलता है जिसमें रंगों की जगह धूसर टोन दिखाई देते हैं। श्वेत श्याम पीडीएफ प्रिंटिंग, आंतरिक समीक्षा, रिकॉर्ड संग्रह और ऐसे दस्तावेज़ों के लिए उपयोगी है जहाँ रंग जानकारी का मुख्य हिस्सा नहीं हैं। एक या कई PDF फ़ाइलें जोड़कर उन्हें एक साथ प्रोसेस किया जा सकता है। परिणाम नई PDF कॉपी के रूप में डाउनलोड होता है, इसलिए मूल फ़ाइल को अलग सुरक्षित रखा जा सकता है।
प्रिंट से पहले पीडीएफ को ग्रेस्केल में बदलें
जब दस्तावेज़ का उद्देश्य ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंट लेना हो, तो पहले पीडीएफ को ग्रेस्केल में बदलें। यह तरीका रिपोर्ट, बिल, फॉर्म, अध्ययन सामग्री, मैनुअल और कार्यालयी दस्तावेज़ों के लिए उपयोगी है। धूसर टोन फोटो और चार्ट के बीच अंतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं, लेकिन रंग आधारित अर्थ हर स्थिति में सुरक्षित नहीं रहता। इसलिए डाउनलोड की गई कॉपी में महत्वपूर्ण पेजों की समीक्षा आवश्यक है।
यदि कई फ़ाइलों को एक समान प्रिंट सेट के रूप में तैयार करना हो, तो उन्हें सूची में जोड़कर पीडीएफ को ग्रेस्केल में बदलें। बैच प्रोसेसिंग से अलग-अलग दस्तावेज़ों पर एक जैसी प्रक्रिया लागू करना आसान होता है। फ़ाइल सूची दिखाई देती है, इसलिए शुरू करने से पहले गलत दस्तावेज़ हटाए जा सकते हैं। यह सुविधा तब उपयोगी है जब एक प्रोजेक्ट के कई परिशिष्ट, रसीदें या स्कैन साथ तैयार करने हों।
संग्रह के लिए पीडीएफ को ग्रेस्केल में बदलें
आंतरिक रिकॉर्ड में रंग हर बार आवश्यक नहीं होता। ऐसी स्थिति में पीडीएफ को ग्रेस्केल में बदलें और संग्रह के लिए नई कॉपी रखें। इससे अलग-अलग स्रोतों से आए दस्तावेज़ों का दृश्य रूप अधिक एकरूप हो सकता है। मूल रंगीन फ़ाइल फिर भी सुरक्षित रखें, क्योंकि भविष्य में किसी चार्ट, हाइलाइट या फोटो का रंग संदर्भ महत्वपूर्ण हो सकता है।
श्वेत श्याम पीडीएफ बनाते समय यह समझना आवश्यक है कि ग्रेस्केल और केवल काला सफेद आउटपुट एक जैसे नहीं होते। ग्रेस्केल में काले और सफेद के बीच कई धूसर स्तर रहते हैं। इसी कारण फोटो, स्कैन और छायांकन वाले चित्रों में विवरण बने रह सकते हैं। फिर भी बहुत हल्के रंग कभी-कभी फीके दिखाई दे सकते हैं, इसलिए अंतिम कॉपी देखकर ही उसे साझा करें।
| दस्तावेज़ का प्रकार | ग्रेस्केल कब उपयोगी है | डाउनलोड के बाद मुख्य जाँच |
|---|---|---|
| टेक्स्ट रिपोर्ट और बिल | जब रंग केवल सजावटी हो | छोटा टेक्स्ट और हल्की पृष्ठभूमि |
| स्कैन किए हुए पेज | जब रिकॉर्ड या प्रिंट कॉपी चाहिए | स्टैम्प, हस्ताक्षर और धुंधले हिस्से |
| चार्ट वाली रिपोर्ट | जब रंगों के बिना भी लेबल स्पष्ट हों | सीरीज़, लेजेंड और पास-पास के शेड |
| ब्रांड या डिजाइन प्रूफ | आम तौर पर मूल रंगीन कॉपी बेहतर है | रंग आधारित निर्णय के लिए मूल फ़ाइल रखें |
रंग आधारित जानकारी कब सुरक्षित नहीं रहती
किसी ग्राफ़ में दो सीरीज़ केवल रंग के आधार पर अलग हों, तो पीडीएफ को ग्रेस्केल में बदलें प्रक्रिया के बाद वे पास-पास के धूसर टोन में दिख सकती हैं। इसी तरह ट्रैफिक लाइट संकेत, रंग कोड, मार्कअप, डिजाइन प्रूफ और शैक्षिक चार्ट में अर्थ बदल सकता है। ऐसे दस्तावेज़ों के लिए मूल रंगीन PDF साझा करना अधिक सुरक्षित है या कम से कम ग्रेस्केल कॉपी की पेज-दर-पेज समीक्षा करनी चाहिए।
श्वेत श्याम पीडीएफ का उपयोग तभी करें जब पाठक को आवश्यक जानकारी रंग के बिना भी मिलती हो। उदाहरण के लिए, तालिका में लिखे मान और लेबल स्पष्ट हों तो ग्रेस्केल कॉपी उपयोगी हो सकती है। लेकिन केवल नीली, लाल और हरी रेखाओं से पहचाने जाने वाले चार्ट में लेबल जोड़ना या मूल फ़ाइल रखना आवश्यक है।
कई फ़ाइलों को एक साथ तैयार करने की योजना
एक से अधिक दस्तावेज़ होने पर पीडीएफ को ग्रेस्केल में बदलें और परिणामों को क्रम से डाउनलोड करें। शुरुआत में सूची जाँचने से समय बचता है, क्योंकि गलत फ़ाइल हटाई जा सकती है और आवश्यक दस्तावेज़ साथ रखे जा सकते हैं। प्रोसेसिंग के बाद किसी त्रुटि वाली फ़ाइल को अलग पहचानना आसान रहता है। बड़े रिकॉर्ड सेट में यह तरीका एक-एक फ़ाइल अलग संभालने से अधिक व्यवस्थित है।
- प्रिंट कॉपी बनानी हो, तो पीडीएफ को ग्रेस्केल में बदलें और सबसे हल्के तथा सबसे गहरे पेज देखें।
- चार्ट में रंग आधारित अंतर हो, तो मूल PDF सुरक्षित रखें।
- स्कैन किए हुए दस्तावेज़ में स्टैम्प और हस्ताक्षर ज़ूम करके जाँचें।
- बैच सूची में पुराने संस्करण हटाकर केवल अंतिम फ़ाइलें रखें।
- डाउनलोड की गई कॉपी को उसी प्रिंटर या स्क्रीन प्रकार पर देखें जहाँ उसका उपयोग होगा।
ग्रेस्केल कॉपी का आकार और अगला कदम
रंग जानकारी हटने के बाद कुछ PDF फ़ाइलों का आकार घट सकता है, लेकिन यह हर दस्तावेज़ के लिए निश्चित परिणाम नहीं है। आकार इस बात पर निर्भर करता है कि मूल PDF कैसे बनाई गई थी, उसमें कितनी चित्र सामग्री है और चित्र पहले से कितने अनुकूलित हैं। अगर मुख्य लक्ष्य फ़ाइल आकार घटाना है, तो ग्रेस्केल कॉपी की समीक्षा के बाद PDF को कम्प्रेस करें विकल्प उपयोगी हो सकता है।
अगर अंतिम उद्देश्य पूरे पेजों को इमेज के रूप में उपयोग करना है, तो PDF से PNG कन्वर्टर संबंधित विकल्प है। पहले तय करें कि आपको PDF दस्तावेज़ चाहिए या अलग-अलग पेज इमेज। श्वेत श्याम पीडीएफ प्रिंट और संग्रह के लिए उपयुक्त रहती है, जबकि इमेज आउटपुट स्लाइड, वेबसाइट या दृश्य संदर्भ के लिए अलग उपयोग देता है।
चार्ट, स्कैन और कार्यालयी दस्तावेज़ों के लिए उपयोगी समीक्षा
ग्रेस्केल कॉपी की समीक्षा केवल यह देखने तक सीमित नहीं होनी चाहिए कि फ़ाइल खुल रही है। चार्ट में अलग-अलग सीरीज़ के लेबल पढ़ें, क्योंकि दो रंग समान धूसर टोन में दिखाई दे सकते हैं। स्कैन किए हुए पेज में हल्की मुहर, पेंसिल नोट और हस्ताक्षर देखें। कार्यालयी फॉर्म में चेक बॉक्स और पतली रेखाएँ जाँचें। इन हिस्सों की तेज़ समीक्षा से पता चलता है कि दस्तावेज़ अपने वास्तविक उद्देश्य के लिए तैयार है या मूल रंगीन संस्करण रखना बेहतर है।
प्रिंटिंग से पहले एक प्रतिनिधि पेज का नमूना लेना उपयोगी है। स्क्रीन और कागज़ पर कॉन्ट्रास्ट अलग महसूस हो सकता है। अगर पूरी फ़ाइल में समान डिजाइन है, तो कवर, सामान्य टेक्स्ट पेज और सबसे अधिक चित्र वाले पेज को देखकर पर्याप्त संकेत मिल सकते हैं। अगर हर पेज अलग है, तो अधिक विस्तृत समीक्षा करें। यह सावधानी खास तौर पर परीक्षा सामग्री, रिपोर्ट परिशिष्ट और स्कैन किए हुए रिकॉर्ड में महत्वपूर्ण है।
बैच में कई दस्तावेज़ तैयार करते समय फ़ाइल नामों को व्यवस्थित रखें। मूल रंगीन कॉपी और धूसर कॉपी के नाम अलग होने चाहिए। तारीख या संस्करण जोड़ना भी उपयोगी है, क्योंकि बाद में यह पहचानना आसान रहता है कि किस फ़ाइल को प्रिंट के लिए बनाया गया था और किसे डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखना है। ऐसी छोटी व्यवस्था दस्तावेज़ों के गलत उपयोग से बचाती है।
अंतिम कॉपी साझा करने से पहले समीक्षा
साझा करने से पहले पीडीएफ को ग्रेस्केल में बदलें, नई कॉपी खोलें और कुछ प्रतिनिधि पेज देखें। पहले पेज, चार्ट वाला पेज, फोटो वाला पेज और सबसे छोटे टेक्स्ट वाला पेज तेज़ समीक्षा के लिए पर्याप्त संकेत देते हैं। अगर किसी रंगीन हाइलाइट का अर्थ गायब हो रहा हो, तो मूल रंगीन फ़ाइल भेजें या प्राप्तकर्ता को दोनों संस्करण दें।
श्वेत श्याम पीडीएफ का सही उपयोग सुविधा और स्पष्टता के बीच संतुलन बनाता है। जब रंग आवश्यक न हो, तो यह प्रिंट सेट और रिकॉर्ड को सरल बनाती है। जब रंग जानकारी का हिस्सा हो, तो सावधानी से निर्णय लेना चाहिए। इस तरह ग्रेस्केल कॉपी व्यावहारिक भी रहती है और दस्तावेज़ का अर्थ भी सुरक्षित रहता है।
और टूल्स
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